उत्तर प्रदेशमेरठ

मेरठ ब्लू ड्रम केस में नया मोड़, मृत्युदंड के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे दोनों

मेरठ ब्लू ड्रम केस में मुस्कान और साहिल ने मृत्युदंड के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की। दोनों का वकील एक, क्या साहिल के परिवार ने मुस्कान को अपनाया?

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Meerut Blue Drum Murder Case: मेरठ के चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड में मृत्युदंड की सजा पाए मुस्कान और साहिल को लेकर एक नई चर्चा शुरू हो गई है। दोनों ने अपनी सजा के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल की है। हैरानी की बात यह है कि दोनों की ओर से एक ही वकील पैरवी कर रहा है। बताया जा रहा है कि इस वकील को साहिल के परिजनों ने नियुक्त किया है। इसके बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या साहिल का परिवार मुस्कान को भी स्वीकार करने के लिए तैयार है? हालांकि, इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

ट्रायल में अलग-अलग थे वकील

सौरभ की हत्या के मामले में अदालत ने उसकी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान दोनों की पैरवी अलग-अलग वकीलों ने की थी। बताया जाता है कि मुस्कान के परिवार ने उससे दूरी बना ली थी। इसके बाद मुस्कान की मांग पर उसे सरकारी वकील रेखा जैन की सहायता मिली थी। दूसरी ओर, साहिल के मामले में उसके परिवार की ओर से वकील पैरवी कर रहा था।

अब मृत्युदंड के खिलाफ अपील के लिए दोनों का एक ही वकील सामने आने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जानकारी के अनुसार, मुस्कान ने जेल प्रशासन से वकील उपलब्ध कराने की मांग की थी। इसी बीच साहिल के परिजनों की ओर से हाईकोर्ट में अपील दाखिल करने के लिए वकील नियुक्त किया गया, जिसने मुस्कान की ओर से भी अपील की है। हालांकि, एक ही वकील के माध्यम से कानूनी पैरवी होने को परिवार की ओर से मुस्कान को अपनाए जाने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

मुस्कान की बेटी की जिम्मेदारी कौन उठाएगा?

इस मामले में मुस्कान की बेटी के भविष्य को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। चर्चा है कि क्या साहिल का परिवार बच्ची की परवरिश की जिम्मेदारी उठाने के लिए आगे आएगा। मेरठ जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के मुताबिक, जेल नियमों के तहत बच्ची को सौंपने के मामले में मुस्कान की इच्छा महत्वपूर्ण होगी। यदि साहिल के परिजन बच्ची को अपने साथ रखना चाहते हैं, तो उन्हें इसके लिए प्रार्थना पत्र देना होगा। इसके बाद आवेदन मुस्कान के सामने रखा जाएगा और उसकी इच्छा के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

अब किन सवालों के जवाब का इंतजार?

फिलहाल, दोनों की अपील हाईकोर्ट में दाखिल होने और एक ही वकील द्वारा पैरवी किए जाने की जानकारी सामने आई है। लेकिन साहिल के परिवार ने मुस्कान को स्वीकार किया है या नहीं, और बच्ची की परवरिश की जिम्मेदारी कौन उठाएगा, इन सवालों पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर क्या तस्वीर सामने आती है, इस पर सबकी निगाहें रहेंगी।

ये भी पढ़ें: यूपी की 11 MLC सीटों पर मतगणना शुरू, आज खुलेगा 29 प्रत्याशियों की किस्मत का पिटारा

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Translate »